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फलक के नज़ारों जमीन की बहारों Lyrics In हिन्दी

(फलक के नज़ारों जमीन की बहारों, सब ईदे मनाओ हुज़ूर आगये हैं)


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Shan E Nabi Team Desk
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टाइटल : फलक के नज़ारों जमीन की बहारों

श्रेणी (कटेगरी) : नात के बोल (लीरिक्स)

लेखक/गीतकार : विविध/अज्ञात

नातख्वान/कलाकार: विविध/अज्ञात

जोड़ा गया : 09 Apr, 2023 09:40 AM IST

बार देखा गया : 1.2K

Time to read: 2 min read

बोल (लीरिक्स) की भाषा चुनें:

फलक के नज़ारों, जमीन की बहारों
सब ईदे मनाओ हुज़ूर आगये हैं

उठो गम के मारो चलो बेसहारों
खबर यह सुनाओ हुज़ूर आगये हैं

हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

अनोखा निराला वो जीशान आया
वो सारे रसूलों का जीशान आया
अरे कजखुलाओं अरे बादशाहों
निगाहें झुकाओं हुज़ूर आगये हैं

हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

हुआ चार सु रहमतों का बसेरा
उजाला उजाला, सवेरा सवेरा
हालिम को पहुंची खबर आमीना की
मेरे घर में आओं, हुज़ूर आगये हैं

हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

हवाओं में जज़्बात हैं मरहबा के
फजाओं में नगमात सल्ले अलाह के
दुरूदों के गजरे, सलामों के तोहफे
गुलामों सजाओं, हुज़ूर आगये हैं

हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

समा है सना ऐ हबीब ऐ खुद का
यह मीलाद है सरवरे अंबिया का
नबी के गदाओ सब एक दूसरे को
गले से लगाओ, हुज़ूर आगये हैं

हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

कहाँ मैं ज़हूरी कहाँ उनकी बातें
करम ही करम हैं यह दिन और रातें
जहां पर भी जाओ दिलों को जगाओ
यही कहते जो, हुज़ूर आगये हैं

हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

फलक के नज़ारों, जमीन की बहारों
सब ईदे मनाओ हुज़ूर आगये हैं
हुज़ूर आगये हैं, हुज़ूर आगये हैं

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Lyrics Explanation, Word Meanings & Summary

This summary is AI-generated • Reviewed for quality.

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यह नात शरीफ़ हुज़ूर ﷺ की विलादत (जन्म) की ख़ुशी और जश्न-ए-ईद मिलाद-उन-नबी का बेहद ख़ूबसूरत बयान है। इसमें बताया गया है कि आप ﷺ के दुनिया में तशरीफ़ लाने से पूरी कायनात नूर से रोशन हो गई है और दुनिया के तमाम बेसहारों को सबसे बड़ा सहारा मिल गया है।

व्याख्या (Lyrics Explanation)

इन पंक्तियों का अर्थ है कि आसमान के नज़ारों और ज़मीन की बहारों, सब मिलकर खुशियाँ मनाओ क्योंकि सारे नबियों के सुल्तान हुज़ूर ﷺ तशरीफ़ ले आए हैं। शायर कहता है कि बड़े-बड़े गर्वीले बादशाहों को भी आप ﷺ की अज़मत के आगे अपनी निगाहें झुका लेनी चाहिए, और सभी ग़ुलामों को दुरूद व सलाम के तोहफ़े सजाकर इस पाक महफ़िल को मनाना चाहिए।


शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ (Meaning)
जीशानबड़ी शान व शौकत वाले / उच्च पद के
कजकुलाओं (कज-कुलाह)टेढ़ी टोपी पहनने वाले (अहंकारी राजा/बादशाह)
चार सुचारों तरफ़ / हर दिशा में
नगमातगीत / तराने या मधुर स्वर
सल्ले अलाहअल्लाह उन पर कृपा करे (हुज़ूर ﷺ के लिए दुआ)
सनातारीफ़ / प्रशंसा या हम्द
सरवरे अंबियासारे नबियों के सरदार (हुज़ूर ﷺ)
गदाओभिखारी / दर दर के मंगते या सेवक
ज़हूरीइस नात के शायर का उपनाम (तख़ल्लुस)

सारांश (Summary)

हुज़ूर ﷺ के आने से संसार में फैली अज्ञानता और दुख का अंधेरा मिट गया है और चारों तरफ़ ईश्वरीय कृपा का सवेरा हुआ है। शायर 'ज़हूरी' कहते हैं कि मिलाद का यह पाक मौक़ा सभी चाहने वालों के लिए एक-दूसरे को गले लगाने और सोए हुए dilon को जगाने का संदेश देता है। जब से आप ﷺ आए हैं, हवाओं और फ़ज़ाओं में केवल 'मरहबा' और दुरूद व सलाम की गूंज है।

शायर के मुताबिक हुज़ूर ﷺ के आने पर 'कज-कुलाहों' (बादशाहों) को क्या करने को कहा गया है, और हलीमा को किसकी ख़बर मिली थी?

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